जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्‍मत्‍याग करे और अपना क्रूस उठा कर मेरे पीछे हो ले

जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्‍मत्‍याग करे और अपना क्रूस उठा कर मेरे पीछे हो ले

येशु ने उसे ध्‍यानपूर्वक देखा और उनके हृदय में प्रेम उमड़ पड़ा। उन्‍होंने उससे कहा, “तुम में एक बात की कमी है। जाओ; जो तुम्‍हारा है, उसे बेच कर गरीबों को दे दो और स्‍वर्ग में तुम्‍हें धन मिलेगा। तब आ कर मेरा अनुसरण करो।” यह सुन कर उसका चेहरा उतर गया और वह उदास हो कर चला गया, क्‍योंकि उसके पास बहुत धन-सम्‍पत्ति थी।

मारकुस 10:21-22

येशु ने अपने शिष्‍यों के अतिरिक्‍त अन्‍य लोगों को भी अपने पास बुला कर कहा, “जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्‍मत्‍याग करे और अपना क्रूस उठा कर मेरे पीछे हो ले। क्‍योंकि जो कोई अपना प्राण सुरक्षित रखना चाहता है, वह उसे खो देगा और जो मेरे तथा शुभ-समाचार के कारण अपना प्राण खो देता है, वह उसे सुरक्षित रखेगा।

मारकुस 8:34-35

जो शिष्‍य अपना क्रूस उठा कर मेरा अनुसरण नहीं करता, वह मेरे योग्‍य नहीं।

मत्ती 10:38

मैं अब जीवित नहीं रहा, बल्‍कि मसीह मुझ में जीवित हैं। अब मैं अपने शरीर में जो जीवन जीता हूँ, उसका एकमात्र प्रेरणा-स्रोत है-परमेश्‍वर के पुत्र में विश्‍वास, जिसने मुझ से प्रेम किया और मेरे लिए अपने को अर्पित किया।

गलातियों 2:20

तब येशु ने सब से कहा, “जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्‍मत्‍याग करे और प्रतिदिन अपना क्रूस उठा कर मेरे पीछे हो ले; क्‍योंकि जो अपना प्राण सुरक्षित रखना चाहता है, वह उसे खो देगा और जो मेरे कारण अपना प्राण खोएगा, वही उसे सुरक्षित रखेगा। मनुष्‍य को इस से क्‍या लाभ, यदि वह सारा संसार तो प्राप्‍त कर ले, लेकिन अपने आपको नष्‍ट कर दे अथवा गँवा दे?

लूकस 9:23-25

“पिता! यदि तू चाहे, तो यह प्‍याला मुझ से हटा ले। फिर भी मेरी नहीं, किन्‍तु तेरी इच्‍छा पूरी हो।” [ तब येशु को स्‍वर्ग का एक दूत दिखाई पड़ा, जिसने उन को बल प्रदान किया।

लूकस 22:42-43

जो लोग येशु मसीह के हैं, उन्‍होंने वासनाओं तथा कामनाओं सहित अपने शारीरिक स्‍वभाव को क्रूस पर चढ़ा दिया है।

गलातियों 5:24

इसके पश्‍चात् येशु ने अपने शिष्‍यों से कहा, “जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्‍मत्‍याग करे और अपना क्रूस उठा कर मेरे पीछे हो ले; क्‍योंकि जो कोई अपना प्राण सुरक्षित रखना चाहता है, वह उसे खो देगा और जो मेरे कारण अपना प्राण खोएगा वह उसे बचाएगा। मनुष्‍य को इससे क्‍या लाभ यदि वह सारा संसार तो प्राप्‍त कर ले, लेकिन अपना प्राण ही गँवा दे? अपने प्राण के बदले में मनुष्‍य क्‍या देगा? क्‍योंकि मानव-पुत्र अपने स्‍वर्गदूतों के साथ अपने पिता की महिमा में आएगा और वह प्रत्‍येक मनुष्‍य को उसके कर्मों के अनुसार फल देगा।

मत्ती 16:24-27

मैं समझता हूँ कि हम पर जो महिमा प्रकट होने को है, उसकी तुलना में इस समय का दु:ख नगण्‍य है

रोमियों 8:18

धन्‍य है वह, जो विपत्ति में दृढ़ बना रहता है! परीक्षा में खरा उतरने पर उसे जीवन का वह मुकुट प्राप्‍त होगा, जिसे प्रभु ने अपने भक्‍तों को देने की प्रतिज्ञा की है।

याकूब 1:12

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